Dil Shayari : दिल तोडना ही था तो दिल लगाया ही क्यों

 

दिल तोडना ही था तो दिल लगाया ही क्यों 

इससे अच्छा  तो आप हमें साफ़ मना  कर देते। 

 

Dil todna hi tha to dil lagaya hi kyon,

Isase accha to aap hame saaf mana kar dete.

 

शीशा हो या दिल दोनों के टूटने पर जख्म लग सकता है

फर्क सिर्फ इतना होता है,

एक के दर्द दिखाई देते है दूसरे को सिर्फ महसूस कर सकते है।

 

Sheesha ho ya dil Dono ke Tootane par zakhma Lag saktaa hai

fark sirf itna hota hai,

Ek ke dard dilhai dete hai To dusare kp sirf mahsoos kar sakte hai.

 

दिल जब भी लगाना तो जरा संभल कर, क्योंकि

दिल को खिलौना समझने वाले बहुत है यहां।

 

Dil jab bhi lagana To jara sambhalkar, kyonki

Dil ko khilauna samjhane vale bahot hai yahan.